भारत-न्यूजीलैंड जहां साउथ अफ्रीका से हारे, वहीं वर्ल्डकप फाइनल खेलेंगे: इकोनॉमी, रन-रेट में दोनों बराबर

ब्रह्मास्त्र नई दिल्ली

टी-20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी को 20 टीमों के बीच शुरू हुआ। 5 मार्च तक 2 फाइनलिस्ट टीमें मिल गईं, जिनके बीच 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। न्यूजीलैंड ने कोलकाता और भारत ने मुंबई में सेमीफाइनल जीता।
दोनों ही टीमें अहमदाबाद में 1-1 मैच साउथ अफ्रीका से हार चुकी हैं, अब इसी मैदान पर टाइटल की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 2007 और 2024 में चैंपियन बन चुका है, वहीं कीवी टीम 2021 के बाद अब फाइनल में पहुंची है।

भारत को इकलौती हार सुपर-8 स्टेज में मिली- मेजबान भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप की शुरूआत अमेरिका के खिलाफ मैच से की। पावरप्ले में 4 विकेट गंवाने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 84 रन बनाए और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। टीम ने फिर नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ आसान मुकाबले जीते। सुपर-8 स्टेज में होम टीम का पहला मैच साउथ अफ्रीका से अहमदाबाद में हुआ। पावरप्ले में विकेट गिरने के बावजूद प्रोटियाज टीम ने 187 रन बना दिए। भारत 111 ही बना सका। इस हार के बाद भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन बनाकर कमबैक किया। टीम ने फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ 197 रन चेज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत ने 253 रन बना दिए, लेकिन ये स्कोर भी जीत के लिए काफी नहीं लग रहा था। इंग्लैंड के युवा बैटर जैकब बेथेल ने शतक लगाया और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। हालांकि, भारत ने 7 रन के करीबी अंतर से हाई-स्कोरिंग मैच जीता और फाइनल में एंट्री कर ली।

हर स्टेज में 1-1 मैच हारा न्यूजीलैंड- न्यूजीलैंड ने ग्रुप स्टेज में अफगानिस्तान को हराकर टूनार्मेंट शुरू किया। टीम ने फिर वअए को 10 विकेट से हरा दिया। चेन्नई में दोनों मैच खेलने के बाद टीम अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका से भिड़ने चली गई। जहां प्रोटियाज टीम ने 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया। न्यूजीलैंड ने फिर चेन्नई में कनाडा को हराया और सुपर-8 में एंट्री कर ली। सेकेंड राउंड में न्यूजीलैंड का पाकिस्तान के खिलाफ पहला ही मैच बारिश के कारण बेनतीजा हो गया। टीम फिर कोलंबो में होम टीम श्रीलंका के खिलाफ स्ट्रगल कर रही थी। पावरप्ले और मिडिल ओवर्स में खराब प्रदर्शन के बाद डेथ ओवर्स में 70 रन बनाकर टीम ने 168 रन बना दिए। श्रीलंका 107 रन ही बना सका। होम टीम को हराने के बाद टीम इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी सुपर-8 मैच हार गई। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम श्रीलंका पर डिपेंड हो गई। श्रीलंका ने अपने आखिरी मैच में पाकिस्तान को 7 रन से हराया और बेहतर रन रेट के कारण न्यूजीलैंड ने क्वालिफाई कर लिया। सेमीफाइनल में टीम ने साउथ अफ्रीका के 170 रन का टारगेट 12.5 ओवर में ही चेज कर लिया।

स्ट्राइक रेट में आगे न्यूजीलैंड- न्यूजीलैंड ने दोनों मेजबान देशों में अपने मैच खेले। भारत के मुकाबले श्रीलंका में रन बनाना मुश्किल होता है, इसके बावजूद कीवी टीम ने भारत से बेहतर रन रेट और स्ट्राइक रेट से स्कोर किया। कीवी टीम का बैटिंग औसत भी भारत के 27.31 के मुकाबले 41.68 रहा। न्यूजीलैंड के 2 ही बैटर्स खाता नहीं खोल सके, जबकि भारत के बैटर्स 11 बार टूनार्मेंट में खाता नहीं खोल पाए। टीम इंडिया ने बाउंड्री लगाने में जरूर न्यूजीलैंड को पीछे छोड़ दिया। भारत ने 88 छक्के और 128 चौके लगाए। कीवी टीम 57 सिक्स और 109 चौके ही लगा पाई। भारत ने टूनार्मेंट में 3 बार 200 प्लस का स्कोर भी बनाया, जबकि कीवी टीम का बेस्ट स्कोर 183 रन ही है। हालांकि, ये स्कोर भी रन चेज में आया था।

न्यूजीलैंड के स्पिनर्स भारत से बेहतर- न्यूजीलैंड ने 7 पारियां खेलीं, इनमें टीम को 41 विकेट मिले। 18 स्पिनर्स और बाकी पेसर्स ने लिए। दूसरी ओर टीम इंडिया ने 8 पारियों में 59 विकेट लिए। 23 स्पिनर्स और बाकी पेसर्स को मिले। न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने 7.5 की इकोनॉमी से रन खर्च किए, जबकि भारत के स्पिनर्स ने 8.3 की इकोनॉमी से रन लुटाए। ओवरआॅल इकोनॉमी में भी न्यूजीलैंड ने भारत से बेहतर परफॉर्म किया।

मिडिल ओवर्स में स्ट्रॉन्ग है टीम इंडिया- अलग-अलग फेज में बैटिंग देखें तो टीम इंडिया ने पावरप्ले में औसतन 58 रन बनाने में 2 विकेट गंवाए हैं। हालांकि, टीम 2 बार 80 प्लस भी बना चुकी है, लेकिन ये स्कोर नामीबिया और जिम्बाब्वे के खिलाफ रहे। 7 से 16 ओवर के बीच भारत जरूर स्ट्रॉन्ग रहा, टीम ने औसतन 93 रन बनाने में 3 विकेट गंवाए। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 123 रन टीम का बेस्ट स्कोर रहा। डेथ ओवर्स में टीम इंडिया कमजोर रही। आखिर के 4 ओवर्स में औसत स्कोर 44 रन ही रहा। टीम 3 बार ही 60 प्लस रन बना सकी और एक बार भी 70 का स्कोर पार नहीं कर पाई।
न्यूजीलैंड पावरप्ले में बहुत स्ट्रॉन्ग- न्यूजीलैंड को फिन एलन और टिम साइफर्ट की ओपनिंग जोड़ी ने मजबूत शुरूआत दिलाई। टारगेट का पीछा करते हुए अक्सर दोनों प्लेयर्स ने फिफ्टी पार्टनरशिप की और मिडिल ओवर्स में ही मैच खत्म कर दिया। शुरूआती 6 ओवर में टीम ने औसतन 62 रन बनाने में 1 विकेट गंवाया। 84 रन टीम का बेस्ट स्कोर रहा, जो उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में बनाया। मिडिल ओवर्स में न्यूजीलैंड ने विकेट जरूर औसतन 2 ही गंवाए, लेकिन टीम का औसत स्कोर भी 89 तक ही पहुंच सका। हालांकि, टीम कनाडा के खिलाफ इस फेज में 116 रन बना चुकी है। डेथ ओवर्स में न्यूजीलैंड की हालत भारत से भी कमजोर है, टीम का औसत स्कोर 39 रन ही रहा। हालांकि, टीम को 4 बार ही आखिरी 4 ओवर में बैटिंग का मिला, ज्यादातर मौकों पर मैच 16वें ओवर से पहले ही खत्म हो गया।
प्लेयर आॅफ द टूनार्मेंट की रेस में सैमसन- भारत के लिए ईशान किशन, कप्तान सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन टॉप-3 स्कोरर रहे। ईशान और सूर्या ने 8-8 मैच खेले, लेकिन संजू ने 4 ही मैचों में 2 फिफ्टी लगाकर 232 रन बना दिए। उन्हें कउउ ने प्लेयर आॅफ द टूनार्मेंट की रेस में भी रखा है। क्योंकि सैमसन भारत के दोनों नॉकआउट मैचों में प्लेयर आॅफ द मैच रहे। अगर वे फाइनल में भी मैच जिताऊ पारी खेलते हैं तो इस अवॉर्ड को जीत सकते हैं।

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